FD Rates 2026: SBI, PNB, ICICI, Bank of Baroda, Canara Bank, HDFC और Axis क्या ऑफर कर रहे हैं RBI Repo Rate Pause के बाद

FD Rates 2026 : नई दिल्ली, 28 मार्च 2026 भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा हाल ही में मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को स्थिर रखने के बाद फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) निवेशक अपने विकल्पों का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं। महंगाई दर लगभग 2% के आसपास है और जीडीपी वृद्धि दर 7.4% आंकी गई है, जिससे संकेत मिलता है कि फिलहाल ब्याज दरों का वातावरण स्थिर रह सकता है। व्यावहारिक रूप से देखें तो बैंकों ने आक्रामक दर वृद्धि रोक दी है और जमा पर मौजूदा दरें बरकरार रखी हैं।

विशेष रूप से सेवानिवृत्त और सुरक्षित निवेश पसंद करने वाले जमाकर्ताओं के लिए मार्च का अंतिम सप्ताह महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपलब्ध बैंक आंकड़ों के अनुसार कई सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक चुनिंदा अवधि पर प्रतिस्पर्धी ब्याज दरें दे रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्ष के आगे चलकर दरों में कटौती होती है, तो नई एफडी पर ब्याज कम हो सकता है। ऐसे में सही अवधि चुनना और बैंकों की तुलना करना जरूरी हो गया है।

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की रणनीति

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया जैसे सरकारी बैंकों में सामान्य ग्राहकों के लिए चुनिंदा अवधियों पर 6.4% से 6.6% तक की दरें मिल रही हैं। वरिष्ठ नागरिकों को 0.45% से 0.70% तक अतिरिक्त ब्याज दिया जाता है। ये बैंक सरकारी समर्थन और ₹5 लाख तक की जमा बीमा सुरक्षा के कारण सुरक्षित विकल्प माने जाते हैं।

कुछ पीएसयू बैंक 390, 444 या 800 दिनों जैसी विशेष अवधि वाली एफडी भी पेश कर रहे हैं, जिन पर सामान्य 1 या 2 वर्ष की एफडी से 0.15% से 0.25% तक अधिक ब्याज मिल सकता है। उदाहरण के लिए ₹10 लाख की जमा पर 0.20% अतिरिक्त दर सालाना हजारों रुपये का अंतर ला सकती है, जो चक्रवृद्धि ब्याज के आधार पर और बढ़ सकता है।

निजी बैंकों की दरें और तरलता प्रबंधन

एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक जैसे निजी बैंक 18 महीने से 3 वर्ष की अवधि में सामान्य ग्राहकों को लगभग 6.5% से 6.9% तक ब्याज दे रहे हैं। वरिष्ठ नागरिकों के लिए लंबी अवधि में दरें 7% से अधिक भी हो सकती हैं। निजी बैंक अक्सर नीतिगत संकेतों के अनुसार दरों में तेजी से बदलाव करते हैं। इसलिए निवेशकों को केवल उच्चतम दर देखने के बजाय अलग-अलग अवधि की तुलना करनी चाहिए।

स्मॉल फाइनेंस बैंकों में उच्च रिटर्न

यूनिटी, जना, सूर्योदय और उत्कर्ष जैसे स्मॉल फाइनेंस बैंक कुछ विशेष अवधियों पर 8% से अधिक ब्याज दे रहे हैं। हालांकि ये दरें आकर्षक लग सकती हैं, लेकिन निवेश से पहले जोखिम क्षमता और तरलता की जरूरतों का आकलन करना आवश्यक है। इन बैंकों में भी ₹5 लाख तक जमा बीमा लागू है, फिर भी निवेशकों को बड़ी राशि एक ही बैंक में रखने के बजाय विभाजित करना बेहतर हो सकता है।

कर नियम और अन्य महत्वपूर्ण पहलू

एफडी से प्राप्त ब्याज कर योग्य होता है। सामान्य जमाकर्ताओं के लिए ₹40,000 और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹50,000 से अधिक वार्षिक ब्याज पर टीडीएस लागू हो सकता है। जिनकी कुल आय कर सीमा से कम है, वे नियमों के अनुसार फॉर्म 15G या 15H जमा कर सकते हैं। नॉन-कॉलेबल एफडी में समय से पहले निकासी की अनुमति नहीं होती, लेकिन सामान्य एफडी तोड़ने पर पेनल्टी लग सकती है। निवेश से पहले बैंक से सभी शर्तों की पुष्टि करना उचित है।

2026 में समय और अवधि का महत्व

पिछले दो वर्षों में ब्याज दरें बढ़ी हैं और वर्तमान 6.5% से 7% की दरें शुरुआती 2023 की तुलना में बेहतर हैं। हालांकि भविष्य में दरों में कटौती की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मध्यम अवधि के लक्ष्य जैसे 3 वर्ष बाद शिक्षा खर्च के लिए 3 वर्षीय एफडी स्थिर रिटर्न दे सकती है। सेवानिवृत्त निवेशक 1, 2 और 3 वर्ष की अवधि में एफडी बांटकर लचीलापन और नियमित आय संतुलित कर सकते हैं।

Scroll to Top