गेहूं को घुन से बचाने देशी तरीका.?

Indigenous Method to Protect Wheat – गेहूं को लंबे समय तक सुरक्षित रखना हर किसान और घर में अनाज रखने वाले लोगों के लिए बहुत जरूरी होता है। अक्सर देखा जाता है कि कुछ महीनों के बाद गेहूं में घुन लग जाता है, जिससे अनाज खराब होने लगता है और उसका उपयोग करना मुश्किल हो जाता है। घुन लगने से गेहूं का वजन भी कम हो जाता है और उसकी गुणवत्ता भी खराब हो जाती है। इसलिए गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए सही तरीका अपनाना बहुत जरूरी है। पुराने समय से ही हमारे देश में कई ऐसे देसी तरीके इस्तेमाल किए जाते रहे हैं जिनसे गेहूं को बिना किसी केमिकल के लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। ये तरीके न केवल सस्ते होते हैं बल्कि पूरी तरह प्राकृतिक भी होते हैं। यदि सही तरीके से गेहूं को सुखाकर और सुरक्षित स्थान पर रखा जाए तथा कुछ पारंपरिक उपाय अपनाए जाएं तो घुन की समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है और अनाज लंबे समय तक सही स्थिति में बना रहता है।

गेहूं में घुन लगने के मुख्य कारण

गेहूं में घुन लगने के पीछे कई कारण होते हैं जिनकी जानकारी होना जरूरी है ताकि समय रहते उनसे बचाव किया जा सके। सबसे बड़ा कारण नमी होता है। यदि गेहूं को अच्छी तरह धूप में नहीं सुखाया गया हो और उसमें थोड़ी भी नमी रह जाए तो उसमें जल्दी घुन लगने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा यदि गेहूं को गंदे या पहले से संक्रमित बोरों या डिब्बों में रखा जाए तो भी घुन जल्दी फैल जाता है। कई बार लोग गेहूं को ऐसे स्थान पर रख देते हैं जहां हवा का सही से आवागमन नहीं होता या फिर जगह बहुत ज्यादा नम होती है। इससे भी घुन और अन्य कीड़े लगने लगते हैं। लंबे समय तक बिना जांच किए गेहूं को स्टोर करके रखना भी एक कारण बन जाता है। इसलिए जरूरी है कि गेहूं को अच्छी तरह साफ करके, पूरी तरह सुखाकर और साफ बर्तन या बोरी में ही संग्रहित किया जाए ताकि घुन लगने की संभावना कम हो सके।

गेहूं को सुरक्षित रखने के आसान उपाय

गेहूं को घुन से बचाने के लिए कुछ आसान और पारंपरिक उपाय अपनाए जा सकते हैं जो बहुत प्रभावी माने जाते हैं। सबसे पहले गेहूं को अच्छी तरह तेज धूप में सुखाना चाहिए ताकि उसमें मौजूद सारी नमी खत्म हो जाए। इसके बाद गेहूं को साफ और सूखे ड्रम, टंकी या बोरी में भरकर रखना चाहिए। कई लोग गेहूं के साथ सूखी नीम की पत्तियां भी डालते हैं, क्योंकि नीम में प्राकृतिक कीटरोधी गुण होते हैं जो घुन को दूर रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा तेजपत्ता या लहसुन की कलियां भी गेहूं में रखी जा सकती हैं। इनसे भी कीड़े नहीं लगते। समय-समय पर गेहूं को जांचना और जरूरत पड़ने पर धूप दिखाना भी जरूरी होता है। यदि इन सरल उपायों को सही तरीके से अपनाया जाए तो गेहूं को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है और घुन की समस्या से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।

नीम की पत्तियों का उपयोग

नीम की पत्तियां गेहूं को घुन से बचाने के लिए सबसे पुराने और प्रभावी देसी उपायों में से एक मानी जाती हैं। नीम में प्राकृतिक रूप से ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो कीड़ों और घुन को दूर रखने में मदद करते हैं। जब गेहूं को स्टोर किया जाता है तो उसके बीच-बीच में सूखी नीम की पत्तियां डाल दी जाती हैं। इससे घुन गेहूं में पनप नहीं पाता और अनाज सुरक्षित रहता है। इस तरीके का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें किसी भी प्रकार का केमिकल इस्तेमाल नहीं किया जाता। इसलिए यह पूरी तरह सुरक्षित और स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा होता है। नीम की पत्तियों का इस्तेमाल करने से गेहूं लंबे समय तक खराब नहीं होता और उसकी गुणवत्ता भी बनी रहती है। ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग इस देसी उपाय का खूब उपयोग करते हैं क्योंकि यह सस्ता, आसान और बहुत प्रभावी तरीका माना जाता है।

गेहूं को धूप में सुखाने का महत्व

गेहूं को घुन से बचाने के लिए धूप में सुखाना सबसे जरूरी कदम माना जाता है। जब गेहूं की कटाई होती है या उसे घर में लाकर रखा जाता है तो उसमें अक्सर थोड़ी बहुत नमी मौजूद रहती है। यदि इस नमी को समय रहते खत्म नहीं किया जाए तो घुन और अन्य कीड़े जल्दी पनपने लगते हैं। इसलिए गेहूं को कम से कम एक से दो दिन तक अच्छी तेज धूप में फैलाकर सुखाना चाहिए। धूप की गर्मी से नमी खत्म हो जाती है और अनाज पूरी तरह सूख जाता है। इसके बाद उसे साफ और सूखे बर्तन में संग्रहित करना चाहिए। कई लोग समय-समय पर स्टोर किए गए गेहूं को भी धूप दिखाते हैं जिससे उसमें कीड़े नहीं लगते। यह तरीका बहुत सरल है लेकिन बेहद प्रभावी माना जाता है। सही तरीके से धूप में सुखाया गया गेहूं लंबे समय तक सुरक्षित रहता है और उसमें घुन लगने की संभावना काफी कम हो जाती है।

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